politics · sidharth joshi

सांड की कहानी

मैं एक सांड को जानता हूं। वो मंडी में घूमता है और किसी भी ठेले में मुंह मारकर ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ खा लेता है। वो बहुत खूबसूरत और बलिष्ट है। ऐसा कि मंडी की शोभा की तरह दिखाई देता है। कोई उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाता। यहां तक कि जब भी नगर निगम के कर्मचारी उसे पकड़ने आते हैं तो वही दुकानदार और ठेले वाले उसे पकड़ने का विरोध करते हैं। सब्जी खा जाता है लेकिन प्रिय है।

एक लड़के ने उसकी एक कमजोरी पकड़ ली। वो ये कि जब भी सांड की पूँछ मरोड़ो तो वह आगे खड़े ग्राहक या ठेले की तरफ सींग घुमाता है।

इससे धीरे धीरे सांड बदनाम होने लगा। आखिर एक दिन निगम वाले सांड को पकड़ने आये तो बाजार में अधिकाँश ने कोई विरोध नहीं किया। अब सांड को जंगल में छोड़ दिया गया है। हालांकि अब भी वह हरा चारा खाता है और मस्त रहता है। लेकिन अब पहले वाली शान नहीं रही।

पूरी कहानी में सिर्फ एक समस्या है कि सांड प्रतिक्रियावादी है।

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Aam aadmi · AAP · arvind kejriwal · Gaanv · metro · modi · politics · TRP

Kejriwal phenomenon @ a betel shop

पान की दुकान पर केजरीवाल का असर बुद्धिजीवियों की एक जमात का मानना है कि केजरीवाल का उदय एक प्रकार का प्रतिक्रियावाद या अराजकतावाद है। मौजूद व्‍यवस्‍था से आहत लोग इस व्‍यवस्‍था को चुनौती देने वालों के पक्ष में आ खड़े हुए हैं। लेकिन जमीन देखने के लिए हमारे बीकानेर में पान की दुकान से… पढ़ना जारी रखें Kejriwal phenomenon @ a betel shop

gandhi · new thought · politics · sidharth joshi · yuva. youth

सब कुछ है गांधीमय (रिंग, रिंग रिंगा भाग तीन)

मैं आजादी के बाद की बात कर रहा हूं। उससे पहले भले ही गांधीजी का जीवंत करिश्‍मा रहा होगा लेकिन इसके बाद कैश कराने की प्रवृत्ति के चलते सबकुछ गांधीमय हो चुका है। गांधी टोपी पहनी तो इसलिए कि गांधीजी ने कहा है और उतारकर रख दी तो इसलिए कि गांधीजी खुद नंगे सिर रहते… पढ़ना जारी रखें सब कुछ है गांधीमय (रिंग, रिंग रिंगा भाग तीन)