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चेतना को प्रभावित करता कचरा

इंसान की किसी भी चीज के लिए दो प्रकार की दृष्टि होती है। एक तो वह चीजों को देखता है और दिमागी रूप से प्रतिक्रिया विहीन रहता है। दूसरा वह वस्‍तु विशेष के प्रति सजग होता है। अंग्रेजी की पुस्‍तकों में इसे लुक और ऑब्‍जर्व के रूप में परिभाषित किया गया है। जब मैं इसे… पढ़ना जारी रखें चेतना को प्रभावित करता कचरा

ईश्‍वर · ज्‍योतिष · धर्म · वेद · स्‍वतंत्रता · new thought · sidharth joshi

स्‍वतंत्रता की संभावना – भाग तीन

ईश्‍वरवादी धर्मों में स्‍वतंत्रता की संभावनाईश्‍वरवादी धर्म वे हैं जो वेदों को मानते हैं। यह दर्शन विषय की भाषा है। ईश्‍वर की व्‍यु‍त्‍पत्ति कुछ इस तरह होती है कि वह सबकुछ जानने वाला है और सभी कुछ नियंत्रित रखता है। यानि सृष्टि में जो कुछ हो रहा है वह पूर्व नियत है। इंसान केवल खिलौना… पढ़ना जारी रखें स्‍वतंत्रता की संभावना – भाग तीन