मसाला · sidharth joshi

धंधा

मेरे एक पत्रकार दोस्‍त हमेशा अपनी नौकरी और काम से असंतुष्‍ट रहते हैं। अपने पेशे के चलते उन्‍हें घूमना होता है। जहां कहीं देखते हैं कि यहां कम काम में अच्‍छी कमाई हो रही है, वहां उनका डॉयलॉग होता है “ये धंधा ठीक है, अब यही करेंगे” फिर कुछ दिन धुन बनी रहती है, फिर “नॉर्मल” हो जाते हैं।

एक बार बीकानेर में राज्‍यपाल का दौरा हुआ और उनकी ड्यूटी लग गई रिपोर्टिंग में…

वापस आकर बोले ये राज्‍यपाल वाला धंधा…

कीमत · तुलसी · पान · मसाला · रजनीगंधा · सरकार

गुटखा : एक स्‍वीकारोक्ति, एक गुजारिश

अपनी हर एक समस्‍या के लिए समाज और व्‍यवस्‍था को दोष देने की परम्‍परा का निर्वहन करते हुए मैं एक बार फिर राज्‍य सरकार को गुटखे पर पाबंदी लगाने के लिए बधाई देने के साथ ही गुजारिश करूंगा कि गुटखे पर पूरी तरह प्रतिबंध क्‍यों न लगा दिया जाए। इससे घटिया कैमिकल, सुपारी और नष्‍ट… पढ़ना जारी रखें गुटखा : एक स्‍वीकारोक्ति, एक गुजारिश