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समान्‍तर सत्ताएं…

मुझे लगता है कि देश और काल से परे तीन तरह की सत्ताएं समान्‍तर रूप से सक्रिय हैं। हो सकता है कि मैं समय के फलक पर उड़ती हुई चील नहीं हूं, लेकिन फिर भी निरपेक्ष रहने का प्रयत्‍न करते हुए मुझे लगता है कि धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक सत्ताएं साथ साथ चलते हुए एक… पढ़ना जारी रखें समान्‍तर सत्ताएं…

ईश्‍वर · ज्‍योतिष · धर्म · वेद · स्‍वतंत्रता · new thought · sidharth joshi

स्‍वतंत्रता की संभावना – भाग तीन

ईश्‍वरवादी धर्मों में स्‍वतंत्रता की संभावनाईश्‍वरवादी धर्म वे हैं जो वेदों को मानते हैं। यह दर्शन विषय की भाषा है। ईश्‍वर की व्‍यु‍त्‍पत्ति कुछ इस तरह होती है कि वह सबकुछ जानने वाला है और सभी कुछ नियंत्रित रखता है। यानि सृष्टि में जो कुछ हो रहा है वह पूर्व नियत है। इंसान केवल खिलौना… पढ़ना जारी रखें स्‍वतंत्रता की संभावना – भाग तीन