AAP · sidharth joshi

दिल्‍ली को राज्‍य बनाया ही क्‍यों गया ?

दिल्‍ली कभी राज्‍य था ही नहीं, किसी एक मैट्रो शहर को जबरिया राज्‍य बना देने से वह राज्‍य हो तो नहीं जाएगा। केन्‍द्र सरकार के पैसे पर पलने वाला एक परजीवी इलाका है। राजधानी होने के कारण ट्रेडिंग सेंटर है, लेकिन इसी कारण सुविधाओं के नाम पर बहुत अधिक खा जाता है।

दिल्‍ली बार बार बसती है और उजड़ती है, यहां गौर करें कि दिल्‍ली का राज्‍य बार बार बनता है और बिखर जाता है। मुझे लगता है साहिब सिंह वर्मा की महत्‍वकांक्षा से अस्तित्‍व में आया दिल्‍ली दरबार इस बार आखिर शहंशाह केजरीवाल जफर के पतन के साथ फिर समाप्‍त हो जाएगा। 

दिल्‍ली मैट्रो शहर है, देश की राजधानी है, वही रहे तो अच्‍छा है। इसे राज्‍य बनाकर अच्‍छा काम किया भी नहीं था। बीजेपी की ही गलती थी, वही इसे सुधारे।

Advertisements