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लोग क्‍या कहेंगे ?

सबसे बड़ा भय है कि लोग क्या कहेंगे। लोग क्या सोचेंगे। जिस दिन ये भय निकल जाएगा उस दिन हम भीड़ का हिस्सा नहीं रहेंगे। वहीँ से शेर की जिंदगी शुरू होगी।

तब तक खोई हुई भेड़ों में खुद को खोजते रहने को अभिशप्त रहना होगा। कुछ भेड़िये तंत्र को चलाएंगे और भेड़ें चलती रहेंगी।

राहत की बात है कि अब तक भेड़ियों में शेर का डर है। बुरी खबर है कि भेड़ों ने शेर बनने से इनकार कर दिया है।

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