sidharth joshi

नचनिए और मंदबुद्धि बालक

राहुल गांधी और शाहरुख खान और आमिर खान जैसे लोगों के लिए कुछ भी लिखने का मन नहीं करता है राहुल गांधी को बहुत पहले सुब्रमंयम स्वामी ने मंदबुद्धि घोषित कर दिया था इसके चलते वह मुझे क्रोध से अधिक दया का पात्र लगता है दूसरी तरफ शाहरुख खान आमिर खान दीपिका पादुकोण या इनके जैसे दूसरे फिल्मी सितारे मुझे नाच गाकर कमाने खाने वाले है अभी एक मेरी भावनाएं ऐसी नहीं हुई है कि भांड और तमाशबीनों के कथनों को लेकर भावुक हो जाऊं।

अव्वल तो मैं इन लोगों को बुद्धि चलाने वाला ही नहीं मानता हां यह तथ्य भी सही है किन लोगों के काफी सारे फॉलोअर्स हैं, लेकिन केवल यही तथ्य इन लोगों को जनता की चेतना को प्रभावित करने वाला नहीं बना देता है जनमानस को आगे बढ़ने वाली ठोस विकास श्रृंखला की जरुरत है। एक सक्षम जन नेता ही देश को आगे ले जा सकता है

समस्या यह है कि पैसा लेकर गली मोहल्ला या होटलों में नाचने गाने वाले लोग आम जनता को यह बताने का प्रयास कर रहे है कि क्या सोचा जाए क्या सही है क्या गलत है किस खेमे की ओर प्रस्थान करना चाहिए कौन लोग गलत है किस खेमें को छोड़ देना चाहिए देश का विकास कैसे हो सकता है देश की समस्या क्या है और

जब यह लोग ऐसी बातें बोलते है तब जनमानस में इन लोगों के प्रति नए प्रकार की भावनाएं पैदा होती है जो भी सामान्य तौर पर नहीं होनी चाहिए।

अब ये जिम्मेदारी उन लोगों की है जो इन दोनों स्थितियों में अंतर जानते हैं। उन्हें सजगता से बाकी मित्रों को भांडों की दुर्बुद्धि से बचाने का उपक्रम करना चाहिए।

Advertisements