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चिडि़या पानी तो पी ले, लेकिन दूब न खाए

प्रकृति की नेमतें मुझे और भी हीनता का अनुभव कराती है जब मैं सोचता हूं कि मेरे घर के बगीचे में रखे पाळसिए यानि मिट्टी के बर्तन में रखे पानी को पीने के लिए चिडि़याएं आएं और पानी पीएं। इससे मेरे घर में चिडि़यों का संगीत गूंजता रहेगा। लेकिन इसके साथ ही मैं चाहता हूं कि वे बगीचे में उगी दूब को न खाएं। प्रकृति तो शायद ऐसा नहीं सोचती। बिना किसी रिटर्न की चाहत मुफ्त में हजारों चीजें उपलब्‍ध करा देती हैं जो जिंदगी को और भी भरपूर बना देती हैं।

अब रजनीगंधा और अनोखी मकड़ी

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रजनीगंधा में खिला फूल और उस पर सफेद जीव छोटा सा

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पूरी खूबसूरती के साथ

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वह जीव मैं इसके बारे में कुछ नहीं जानता

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मोगरा। इसे हाथी मोगरा भी कहते हैं।

जीव के बारे में किसी को पता हो तो बताइएगा। मैंने तो इसे पहली बार देखा है। यह मकड़ी की तरह दिखाई देता है। सभी फोटो इनलार्ज हो सकते हैं।

one more clear photo

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6 विचार “चिडि़या पानी तो पी ले, लेकिन दूब न खाए&rdquo पर;

  1. किसी ने मुझे एक महीने पहले एस एम् एस किया था की अपनी खिड़की में कटोरी में पानी रख कर छोड़ दिया कीजिये ..गर्मियों में चिडियों को आसानी रहेगी..आज उसकी याद आ गयी ….

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  2. मुझे तो यह मकडी का बच्चा लगता है, वेसे हमे किसी भी जीव से नही डरना चाहिये, जब तक हम इन्हे तंग ना करे यह कुछ नही कहते

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  3. बहुत मेहनत की पोस्ट! असल में हम सब में एक सलीम अली है – ध्यान से प्रकृति को देखने वाला। बिना प्रोत्साहन के वह सुषुप्तावस्था में चला जाता है।

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  4. प्रकृति का अनोखा उपहार है ये पौधे और जीव ….जहाँ जैसे फूल वहां उसी रंग के जीव…! और जहाँ तक रही बात दूब की तो उसकी चिंता ना करे…चिडिया को आने दो..

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