new thought · sidharth joshi

कुरजां के साथ एक दिन

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3 विचार “कुरजां के साथ एक दिन&rdquo पर;

  1. संस्‍मरण कहां हैक्‍यों कहा है इसे संस्‍मरणजबकि इसमें तो जीवन हैइसलिए कहें इसे संसजीवन।कुछ नहीं मरा इसमेंन चाहिए मरनाभावनाओं का सच्‍चा ज्‍वारमानवता का कोमल उपचार।

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